आँखों में पढ़ लोगे, ये सोच के बैठे थे
आँखें धोखा दे गयी, पलक झपकाए
आंसू भी कोई काम न आये
तुम्हे दिल का सच दिखला न पाए
शब्द सैंकड़ों थे निकाले
इस दिल से तुम्हारे लिए
बे-मोल ही निकले
शब्द सैंकड़ों थे निकाले
इस दिल से तुम्हारे लिए
बेमोल ही निकले मगर -
तुम्हे खुद को हम समझा न पाए|
आंसू भी कोई काम न आये
तुम्हे दिल का सच दिखला न पाए
शब्द सैंकड़ों थे निकाले
इस दिल से तुम्हारे लिए
बे-मोल ही निकले
शब्द सैंकड़ों थे निकाले
इस दिल से तुम्हारे लिए
बेमोल ही निकले मगर -
तुम्हे खुद को हम समझा न पाए|
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October 31, 2011 at 6:21 pm |
samjhane ki koshish to ki!
Broken hearts…at least means..you tried! Best Wishes